आजकल हर काम ऑनलाइन हो रहा है – टैक्स भरना, पैन कार्ड देखना, बिल भुगतान या अस्पताल की अपॉइंटमेंट बुक करना। यही ‘डिजिटल सेवा’ का मतलब है: इंटरनेट के ज़रिये सरकारी और निजी सुविधाओं तक आसान पहुँच। अगर आप भी इन सुविधाओं का सही ढंग से उपयोग करना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।
पहले जब हमें कोई काम करना होता, तो लाइन में खड़ा होना पड़ता, फॉर्म भरना पड़ता और कागज़ी दुरुपयोग बढ़ता था। डिजिटल सेवा ने ये जंजाल खत्म कर दिया। अब सिर्फ मोबाइल या कंप्यूटर से ५ मिनट में वही काम हो जाता है। इससे समय बचता है, खर्च कम होता है और पारदर्शिता बढ़ती है। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में भी इंटरनेट पहुँच ने लोगों को सरकारी योजनाओं तक पहुँचाया है, जिससे कई परिवारों की जिंदगी सुधरी है।
देश में कई ऐसी प्लेटफ़ॉर्म हैं जो विभिन्न जरूरतों को कवर करती हैं। यहाँ कुछ सबसे उपयोगी सेवाओं की छोटी‑छोटी जानकारी है:
DigiLocker: आपका डिजिटल पर्सनल फाइलिंग सिस्टम। यहाँ आप अपने दस्तावेज़ अपलोड, स्टोर और सरकारी विभागों को शेयर कर सकते हैं। पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट का इलेक्ट्रॉनिक कॉपी मिल जाता है, कागज़ी लेन‑देन नहीं.
UMANG (Unified Mobile Application for New-age Governance): एक ही ऐप में 1200+ सरकारी सेवाएँ – नयी पासपोर्ट बुकिंग, LPG सिलिंडर रिफ़िल, एंटी‑कोविड प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र आदि.
e‑Pay Bharat: इलेक्ट्रॉनिक भुगतान का एकीकृत मंच। यूपीआई, बैंक ट्रांसफ़र, QR कोड स्कैन करके बिल, रिचार्ज, टैक्स, दिये‑दिये सब कुछ किया जा सकता है।
भविष्य योजनाएँ (FutureGov): डिजिटल साक्षरता, ई‑सेवा पोर्टल, ग्रामीण डिजिटल हब – ये सभी पहलें तकनीकी साक्षरता बढ़ाने और डिजिटल अंतर घटाने का लक्ष्य रखती हैं.
इन सेवाओं को सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए कुछ आसान टिप्स हैं:
डिजिटल सेवा का उपयोग करके आप न सिर्फ समय बचाते हैं बल्कि सरकारी नियमों का भी पालन आसान बनाते हैं। चाहे आप छात्र हों, व्यवसायी हों या गृहिणी, हर क्षेत्र में इन सुविधाओं का बड़ा रोल है। आप भी आज ही इन प्लेटफ़ॉर्म को आज़माएँ और डिजिटल इंडिया के सफ़र में साथ चलें।
ग्रामीण भारत में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये केंद्र रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं और सरकारी सेवाओं को जनता तक पहुंचाते हैं। टेली-लॉ जैसी पहलों के माध्यम से कानूनी सहायता और कृषि सेवाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान किया जा रहा है।