क्रिप्टोकरेंसी का ऐतिहासिक बुल रन
जब पूरी दुनिया की नजरें परंपरागत शेयर बाजारों, सोने-चांदी या तेल पर रहती हैं, इस बार क्रिप्टोकरेंसी ने सबको चौंका दिया। साल 2025 के अप्रैल तक, ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप 3.09 ट्रिलियन डॉलर के पार निकल गया है। ये आंकड़ा इतना बड़ा है कि आपने शायद अनुमान भी न लगाया हो - यह इटली, कनाडा और ब्राजील के संयुक्त GDP (कुल आर्थिक उत्पादन) से भी ज्यादा है। इटली का GDP है 2.2 ट्रिलियन डॉलर, कनाडा का 2.1 ट्रिलियन और ब्राजील का 1.8 ट्रिलियन... सब जोड़ें तो भी क्रिप्टो मार्केट कैप आगे निकल गई।
ये बुलिश मूवमेंट सिर्फ चंद मीम कॉइन्स या अज्ञात टोकन्स की वजह से नहीं आया। असली गेम चेंज किया है बिटकॉइन ने, जिसकी बाजार हिस्सेदारी इस समय 61.18% है। यानी क्रिप्टो की कुल वैल्यू में सबसे बड़ा हिस्सा सिर्फ एक कॉइन के पास। एथेरियम भी खूब दौड़ा—अपने नंबर 2 पोजीशन को मजबूती से पकड़े हुए।
संस्थागत निवेश, रेगुलेटरी सपोर्ट और बिटकॉइन हॉल्विंग ने किया कमाल
लोग सोच सकते हैं कि इतनी बड़ी तेजी आई कैसे? असल में, इस बार बडे़ संस्थानों ने खेल बदला है। दुनिया की नामी-गिरामी बैंक, इंवेस्टमेंट फंड्स, टेक कंपनियां अब क्रिप्टोकरेंसी में सीधे निवेश कर रही हैं। पहले जहां सिर्फ छोटे इन्वेस्टर्स या क्रिप्टो-एंथुजिएस्ट्स थे, अब वॉल स्ट्रीट, लंदन, सिंगापुर और दुबई के बड़े खिलाड़ी भी घुस गए हैं।
इसके साथ, अमेरिका, यूरोप और कुछ एशियाई देशों ने नियमों को साफ और खुला किया है। इससे स्पेकुलेशन कम हुआ, और बड़े निवेशकों को भरोसा मिला कि क्रिप्टो बाजार अब ज्यादा रिस्की नहीं रहा।
इतना ही नहीं, बिटकॉइन की चौथी 'हॉल्विंग' (नए बिटकॉइन जारी करने की रफ्तार आधी हो जाना) अप्रैल 2024 में हुई। इस इवेंट से पहले और बाद में ट्रेडिंग वॉल्यूम में बूम आ गया। पिछले 24 घंटे में अकेले बिटकॉइन का ट्रेडिंग वॉल्यूम रहा 45.2 अरब डॉलर—सोचिए, यह रकम कई देशों के फॉरेन रिजर्व से कहीं ज्यादा है! दूसरी ओर, एथेरियम ने भी 18.7 अरब डॉलर के वॉल्यूम का आंकड़ा छू लिया। नेटवर्क पर लगातार ट्रांजैक्शन बढ़ने से कई बार सिस्टम स्लो या जाम तक हो गया।
- बिटकॉइन की कीमत 70,000 डॉलर के करीब पहुंच गई।
- एथेरियम 3,650 डॉलर छू आया।
- नवेले टोकन भी 2025 की शुरुआत से कई गुना बढ़े।
एनालिस्ट्स कह रहे हैं—यही वो पल है जब अगला बुल रन तेज हो सकता है। तकनीकी संकेत साफ इशारा कर रहे हैं कि ट्रेडर्स का मूड इस समय बेहद पॉजिटिव है। बड़े आर्थिक माहौल से भी क्रिप्टो को बूस्टर मिल रहा है, क्योंकि कई देशों में ब्याज दरें स्थिर हैं और महंगाई काबू में है।
अगर आप पिछले साल की स्थितियां देखें—2023 में मंदी के कयास, युद्ध या कहीं रेगुलेटरी अनिश्चितता थी; अब माहौल बदला आभास हो रहा है। हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी बाजार की अस्थिरता बरकरार है—कभी भी तगड़ा झटका लग सकता है। पर ज्यादातर बड़े निवेशक मान रहे हैं कि इस बार की रैली छोटी नहीं, शायद लंबी चल सकती है। अब देखना ये है कि अगले कुछ महीनों में ये बुलिश मूड कितना तेज रहता है और कौन-कौन से नए टोकन मार्केट में राज करते हैं।
Gaurang Sondagar
अप्रैल 29, 2025 AT 20:15Ron Burgher
मई 1, 2025 AT 17:02kalpana chauhan
मई 3, 2025 AT 14:07Prachi Doshi
मई 4, 2025 AT 01:43Karan Kacha
मई 4, 2025 AT 13:23vishal singh
मई 4, 2025 AT 17:40mohit SINGH
मई 4, 2025 AT 19:28Preyash Pandya
मई 5, 2025 AT 10:30Raghav Suri
मई 7, 2025 AT 06:55