आपने ज़रूर सुना होगा ‘Allied Health Sciences’ के नाम पर, पर समझते हैं कि असल में यह क्या होता है? मोटे तौर पर कहें तो ये वो शाखा है जो डॉक्टर, नर्स और सर्जन के अलावा अस्पताल और क्लिनिक में बाकी सभी पेशेवरों को कवर करती है – जैसे फिजियोथेरेपिस्ट, लैब टेक्नीशियन, रेडियोलॉजिस्ट असिस्टेंट, पोषण विशेषज्ञ, एंकर वर्कर आदि। इनकी भूमिका बगैर इनके इलाज‑दवा का पूरा चक्र नहीं चलता। इसलिए इस टैग को पढ़ना उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर या जानकारी चाहते हैं।
जन सेवा केंद्र पर इस टैग के अंतर्गत हमने कई दिलचस्प लेख इकट्ठा किए हैं। नीचे कुछ मुख्य ख़बरों की झलक दी गई है, हर एक का छोटा सारांश भी पढ़ें:
1. T20I में पाकिस्तान ने यूएई को 31 रन से हराया – शारजाह में हुई इस मैच में पाकिस्तान ने 207 रन बनाकर 200+ स्कोर किया। खेल के परिणामों में स्वास्थ्य‑संबंधी न्यूरो‑फ़िटनेस टिप्स भी बताए गए हैं।
2. शोज़ग्रेन सिंड्रोम के बाद वीनस विलियम्स ने बदली डाइट – ऑटोइम्यून बीमारी और उसके असर को समझने के बाद, वीनस ने कैसे आहार बदलकर फिर से टॉप पर वापसी की, यह लेख स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़ी प्रेरणा देता है।
3. हाईकोर्ट का सख्त आदेश: चंडीगढ़ में आवारा पशुओं पर कार्रवाई – कोर्ट ने तुरंत कदम उठाने की हिदayat दी, जिससे पब्लिक हेल्थ और एनिमल वेलफ़ेयर के बीच कनेक्शन दिखता है।
4. IRCTC टिकट बुकिंग के लिए बेस्ट क्रेडिट कार्ड – यात्रा के दौरान स्वास्थ्य‑सुरक्षा टिप्स और रिवार्ड्स को कैसे मैक्सिमाइज़ करें, इस पर व्यावहारिक सुझाव दिया गया है।
इन लेखों को पढ़कर आप न केवल खेल, वित्त या कानून की ख़बरें जान पाएंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि Allied Health Professionals कैसे हमारे रोज़मर्रा के स्वास्थ्य को असरदार बनाते हैं।
यदि आप इस फ़ील्ड में करियर बनाना चाहते हैं, तो कुछ बेसिक स्टेप्स फॉलो करें:
हमारी साइट पर आप इन टिप्स को और विस्तार से पढ़ सकते हैं और साथ ही Allied Health Sciences से जुड़े अन्य लेखों को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं। कोई भी सवाल या सुझाव हो, तो कमेंट सेक्शन में लिखें – हम जल्दी जवाब देंगे।
तो देर मत कीजिए, अभी पढ़िए, सीखिए और अपने स्वास्थ्य‑सेवा करियर की शुरुआत कीजिए। जन सेवा केंद्र आपके साथ है, हर कदम पर!
अब कुछ मेडिकल कॉलेजों में CUET UG 2025 के स्कोर से एडमिशन मिल सकता है। यह बदलाव मुख्य रूप से Allied Health Sciences जैसे कोर्स के लिए होगा, MBBS और BDS में NEET अभी भी जरूरी है। हर कॉलेज की एलिजिबिलिटी और काउंसलिंग प्रक्रिया अलग-अलग होगी।