प्रधानमंत्री मोदी ने कहा: बीजेपी जीतने पर नवीन पटनायक की 'स्वास्थ्य' जांच के लिए समिति का गठन करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा: बीजेपी जीतने पर नवीन पटनायक की 'स्वास्थ्य' जांच के लिए समिति का गठन करेंगे

प्रधानमंत्री मोदी की ओडिशा रैली: नवीन पटनायक की सेहत को लेकर जोर-शोर से उठाए सवाल

पिछले सप्ताह ओडिशा के बारिपदा जिले में आयोजित एक विशाल रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया। उन्होंने इशारा किया कि पटनायक की सेहत में गिरावट के पीछे एक साजिश हो सकती है, जिसमें उनके करीबी सहयोगी वीके पांडियन की भूमिका को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

बीजेपी की जीत के बाद होगी जांच

मोदी ने मंच से वादा किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव जीतती है, तो पार्टी पटनायक की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन करेगी। उन्होंने कहा कि जनता का यह जानने का अधिकार है कि मुख्यमंत्री की सेहत कैसी है और उनके फैसले किस हद तक स्वतंत्र होते हैं।

देश के शीर्ष नेता द्वारा इस तरह के आरोप राजनीतिक माहौल में हलचल मचाने वाले होते हैं। मोदी ने जोर देते हुए कहा कि पटनायक के सलाहकार वीके पांडियन राज्य की राजनीति पर भारी प्रभाव डाल रहे हैं और संभवतः पटनायक की सेहत पर भी उनका असर पड़ रहा है।

नवीन पटनायक ने दिया करारा जवाब

नवीन पटनायक ने दिया करारा जवाब

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मोदी के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सेहत बिल्कुल ठीक है और प्रधानमंत्री चाहें तो खुद उनसे फोन पर बात कर इस बारे में जानकारी ले सकते हैं। इस प्रतिक्रिया के पीछे पटनायक का यह प्रयास था कि लोगों के बीच फैलाई जा रही अफवाहों और संदेहों को दूर किया जा सके।

पटनायक की इस प्रतिक्रिया ने लोगों में यह संदेश भी दिया कि बीजेपी अपने प्रचार अभियान में केवल सत्ता हासिल करने के लिए मुद्दों को उछाल रही है। उनके समर्थक भी मानते हैं कि यह एक राजनीतिक चाल है, जिससे जनता का ध्यान मूल समस्याओं से भटकाया जा सके।

वीके पांडियन पर भाजपा का हमला

वीके पांडियन पर लगे आरोपों को लेकर बीजेपी ने नवीन पटनायक के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। एक वायरल वीडियो के आधार पर पार्टी ने आरोप लगाया कि पांडियन पटनायक के हाथ को भीड़ से छिपाने की कोशिश कर रहे थे, जो इस बात की पुष्टि करता है कि उनका स्वास्थ्य गिर रहा है। पार्टी ने पांडियन को 'बाहरी' कहा और उन्हें ओडिशा की राजनीति में हस्तक्षेप करने का आरोपी ठहराया।

इस विवाद ने राज्य की राजनीति में नए मुद्दों को जन्म दिया है। जहां एक ओर बीजेपी ने इस घटना को अपनी राजनीतिक रैली का मुख्य मुद्दा बनाया है, वहीं दूसरी ओर बीजू जनता दल (बीजद) ने इसे एक व्यक्तिगत हमले के तौर पर देखा है और बीजेपी पर तीखा प्रहार किया है।

जनता की प्रतिक्रिया और राजनीतिक माहौल

जनता की प्रतिक्रिया और राजनीतिक माहौल

ओडिशा की जनता भी इस घटना को गंभीरता से ले रही है। जहां कुछ लोग मानते हैं कि मुख्यमंत्री की सेहत और उनकी स्वतंत्रता को जानना वाजिब है, वहीं कई लोग बीजेपी के इस आरोप को राजनीति से प्रेरित मानते हैं। राज्य के मतदाता इस बार चुनाव में अलग-अलग दृष्टिकोण से विचार कर रहे हैं, जिससे आगामी चुनाव और भी रोचक हो गए हैं।

ओडिशा विधानसभा चुनाव की यह घटना न केवल राज्य की राजनीति में भूचाल ला रही है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। चुनाव परिणाम इस मामले में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं और दोनों पार्टियों के लिए यह चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।

5 Comments

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    mohit SINGH

    मई 30, 2024 AT 19:04
    ये सब राजनीति का खेल है भाई। एक बार जब बीजेपी जीत जाएगी तो फिर नवीन की सेहत का मामला कहाँ गया? जनता को धोखा देने के लिए कोई भी बहाना ढूंढ लेते हैं। असली समस्याएँ जैसे बेरोजगारी, किसानों का दर्द, बुनियादी ढांचा - इन पर कोई बात नहीं करता। बस टीवी पर नाटक चलता रहे। 😤
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    Preyash Pandya

    जून 1, 2024 AT 07:49
    अरे भाई ये तो बिल्कुल पागलपन है! 😂 पटनायक की सेहत की जांच? अगर ऐसा होता तो प्रधानमंत्री खुद अस्पताल जाकर उनकी टेस्ट रिपोर्ट देख लेते! वीके पांडियन को बाहरी कह रहे हैं? अरे ये तो ओडिशा के लोगों का अपना इंसान है! बीजेपी के लिए अगर एक भी इंसान अपने राज्य में अच्छा चल रहा है तो वो दुश्मन हो गया! 🤦‍♂️🤣 और हाँ, जब तक बीजेपी नहीं जीतती, तब तक ये सब बातें बस एक ट्रेंड हैं।
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    Raghav Suri

    जून 2, 2024 AT 14:58
    मुझे लगता है कि इस बात पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। दोनों पार्टियाँ अपने-अपने तरीके से चुनाव जीतना चाहती हैं। मोदी जी की बात भी एक तरह से सच हो सकती है कि लोगों को जानकारी चाहिए, लेकिन इसे राजनीतिक हथियार बना देना ठीक नहीं। नवीन पटनायक तो बहुत लंबे समय से ओडिशा के लिए काम कर रहे हैं, उनकी सेहत के बारे में अफवाहें फैलाना बहुत बुरा है। अगर वाकई कोई समस्या है तो तब तक जब तक उनका खुद का डॉक्टर न कहे, तब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। लोगों को शांत रहना चाहिए और अपने वोट को अपने दिमाग से डालना चाहिए, न कि भावनाओं से। 😊
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    Priyanka R

    जून 4, 2024 AT 09:49
    अरे ये सब एक बड़ी साजिश है भाई! 😳 वीके पांडियन को बाहरी कहकर बदनाम किया जा रहा है क्योंकि वो नवीन को असली तरीके से सलाह दे रहे हैं! बीजेपी ने इसे फेक न्यूज़ बनाया है क्योंकि वो जानते हैं कि अगर लोगों को पता चल गया कि पटनायक बिल्कुल ठीक हैं तो वो चुनाव नहीं जीत पाएंगे! और हाँ, जब बीजेपी जीत जाएगी तो वो खुद नवीन को अस्पताल में भर्ती करवा देंगे और फिर कहेंगे कि देखो ये था बड़ा षड्यंत्र! 🕵️‍♀️
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    Rakesh Varpe

    जून 6, 2024 AT 00:38
    सेहत का मुद्दा राजनीति में नहीं आना चाहिए। अगर कोई शंका है तो आधिकारिक तरीके से जांच करवाएं। अन्यथा ये बस धोखा है।

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