अगर आप मैसूर से दरभंगा या दरभंगा से मैसूर जाना चाहते हैं, तो बागमती एक्सप्रेस सबसे भरोसेमंद विकल्प है। इस ट्रेन की चलन‑शैली, सीट‑श्रेणियाँ और रूट को समझना आपको समय बचाने में मदद करेगा। नीचे हम विस्तार से बताते हैं कि कब ट्रेन पहुँचती‑जाती है, टिकट कैसे बुक करें और क्या‑क्या सुविधाएँ मिलेंगी।
बागमती एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 16569/16570) प्रतिदिन चलती है। मैसूर (MYS) से रवाना होकर यह दरभंगा (DBG) तक सात प्रमुख स्टेशनों पर ठहरती है – बैंगलोर, चेन्नई, कोडाइकनाल, पुणे, हावड़ा, झुर्वा और पटन। कुल दूरी लगभग 2,100 किमी है और यात्रा में लगभग 38‑40 घंटे लगते हैं। सुबह 6 बजे मैसूर से निकलने वाली ट्रेन रात में या अगले दिन दोपहर में दरभंगा पहुँचती है, जबकि लौटते समय भी समान अंतराल पर चलती है।
रुट के बीच में यदि आप कहीं बीच में उतरना चाहते हैं, तो यह आसान है क्योंकि पास में कई बड़े नोड्स हैं जहाँ स्थानीय ट्रेनें और बसें उपलब्ध हैं। इस कारण आप अपनी यात्रा को लचीला बना सकते हैं।
टिकट बुकिंग के लिए IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप सबसे सुविधाजनक है। अग्रिम बुकिंग के लिए 120 दिन पहले लॉग‑इन करें, क्योंकि बग़मती एक्सप्रेस की मांग बहुत रहती है। स्लीपर क्लास, एसी 3‑टायर और एसी 2‑टायर में कई विकल्प होते हैं, इसलिए अपनी बजट के हिसाब से चुनें।
ध्यान रखें, बुकिंग के समय सीट उपलब्धता जल्दी खत्म हो जाती है, इसलिए तुरंत पुष्टि कर लें। यदि आप नकद में टिकट लेना पसंद करते हैं, तो पास के रेल स्टेशन पर भी रेज़रवेशन काउंटर से ले सकते हैं, पर पहले कॉल करके स्थिति पता कर लेना बेहतर रहता है।
यात्रा के दौरान आरामदायक रहने के लिए कुछ आसान टिप्स अपनाएँ:
बागमती एक्सप्रेस में ऑन‑बोर्ड वाई‑फ़ाई अभी कुछ रूट्स पर उपलब्ध है, जिससे आप काम या मनोरंजन के लिए इंटरनेट इस्तेमाल कर सकते हैं। शौचालय साफ‑सुथरा रहता है; यदि किसी समस्या का सामना करें तो ट्रेन स्टाफ को तुरंत बताएं।
अंत में, यदि यात्रा के दौरान कोई भी असुविधा महसूस हो, तो ट्रेन में मौजूद उपभोक्ता सुविधाकर्मियों से संपर्क करें। वे अक्सर मदद करने को तैयार रहते हैं। बस इतना ही, अब आप मैसूर‑दरभंगा बागमती एक्सप्रेस की पूरी जानकारी के साथ यात्रा प्लान कर सकते हैं। शुभ यात्रा!
मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में 19 यात्री घायल हुए जब ट्रेन ने चेन्नई के पास कावरायपेट्टई में एक स्थिर मालगाड़ी से टक्कर मार दी। घटना के बाद 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। घायल यात्रियों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया और अधिकारियों ने सहायता के लिए हेल्पलाइनों की घोषणा की। बिना किसी हताहत के, यात्रियों को सुरक्षित रूप से बचाया गया।