क्या आपने कभी सोचा है कि एक आदमी कैसे कारों को इलेक्ट्रिक बना सकता है, फिर रॉकेट को फिर से उपयोगी? वही है एलन मस्क। बचपन में बहुत पढ़े‑लिखे नहीं, पर उसकी जिज्ञासा ने उसे कंप्यूटर, फिर अंतरिक्ष की ओर धकेला। आज टेस्ला, स्पेसएक्स, न्यूरालिंक जैसी कंपनियों की वज़नदार आवाज़ है।
टेस्ला की कहानी शुरू हुई जब मस्क ने देखा कि पेट्रोल‑ड्राइव कारें पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने इको‑फ्रेंडली कार बनाने का फैसला किया और Model S, Model 3 जैसे मॉडल लॉन्च किए। असली मज़ा तो यह है कि इन कारों की रेंज, फास्ट चार्जिंग और ऑटो‑पायलट फीचर ने हर किसी को हिलाकर रख दिया। भारत में भी टेस्ला के स्टेशनों की तैयारी चल रही है, इसलिए अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने का सोच रहे हैं तो टेस्ला को नजर में रखें।
जब एलन ने स्पेसएक्स बनाई, तो सभी को लगा कि केवल बड़े देशों ही स्पेस रेस में जीत सकते हैं। पर मस्क ने फाल्कन 9 और स्टारशिप जैसे रॉकेट बनाकर यह साबित कर दिया कि पुन: उपयोग योग्य रॉकेट वाकई में संभव है। इससे सैंट्रल स्पेस फाइनेंसिंग कम हुई और उड़ानें सस्ती हुईं। भारत के इसरो के साथ संभावित सहयोग भी चर्चा में है, इसलिए इस बदलाव को समझना भारतीय युवा इंजीनियरों के लिए फायदेमंद होगा।
मस्क की सोच सिर्फ मोटर या रॉकेट तक सीमित नहीं। न्यूरालिंक जैसी परियोजना मस्तिष्क‑कंप्यूटर इंटरफ़ेस पर काम कर रही है, जिससे भविष्य में दिमाग़ को कंप्यूटर से जोड़ना संभव होगा। बोरिंग कंपनी टनल्स बनाकर ट्रैफ़िक जाम को कम करने की भी कोशिश कर रही है। इन सभी पहलुओं को देख कर स्पष्ट है कि उनका लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि हमारे जीवन को बेहतर बनाना है।
अगर आप मस्क के काम से प्रेरित हो कर अपना स्टार्ट‑अप शुरू करना चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स हैं: पहले बड़े सपने देखें, फिर छोटे कदम उठाएँ, लगातार सीखते रहें और जोखिम लेने से डरें नहीं। मस्क ने कई बार अपना पैसा खुद निवेश किया, और कई बार असफलता का सामना किया। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। यही चीज़ हमें सिखाती है कि असफलता को भी सीखने का अवसर बनाना चाहिए।
भारत में मस्क की नई पहलें भी धूम मचा रही हैं। टेस्ला ने भारत में पहला सुपरचार्जर स्टेशन खोला, जिससे इलेक्ट्रिक कारों के उपयोग में बड़ी सुविधा होगी। स्पेसएक्स ने भारतीय छात्रों के लिए इंटर्नशिप और सहयोगी प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं। इससे भारतीय युवा अंतरिक्ष तकनीक में सीधे हाथ आज़मा सकते हैं।
अंत में, एलन मस्क की कहानी सिर्फ एक उद्यमी की नहीं, बल्कि एक विचारधारा की है। उनका मानना है कि तकनीक, अगर सही दिशा में उपयोग हो, तो इंसानों की जिंदगी को बदल सकता है। इसलिए जब आप उनका नाम सुनें, तो केवल एक सफल बिज़नेस माइंड नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी नेता को याद रखें, जिसने अभी भी कई बड़े सवालों के उत्तर खोजे हैं।
एलन मस्क के xAI ने Grok 3 को दुनिया के सबसे एडवांस AI चैटबॉट के रूप में लॉन्च किया है। यह AI कॉलोसस सुपरकंप्यूटर पर प्रशिक्षित है, जो सिंथेटिक डेटा और सेल्फ-करेक्शन का उपयोग करता है। यह GPT-4o और Gemini 2 Pro जैसे प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन करता है और X प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। इसकी डिजाइन मस्क के सत्य-प्रवृत्त AI के दृष्टिकोण को दर्शाती है।