इंजीनियर्स डे 2024: महत्व और आदर्श
हर वर्ष 15 सितंबर को भारत में इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है, जो हमारे देश के महान इंजीनियर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को सम्मानित करने के लिए निर्धारित किया गया है। भारत रत्न से सम्मानित सर विश्वेश्वरैया ने कृषि और बिजली के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। उनकी बेजोड़ प्रतिभा और कड़ी मेहनत ने उन्हें न केवल भारत में बल्कि विश्व भर में एक महान इंजीनियर के रूप में पहचान दिलाई है। यह दिन इंजीनियरों की उत्कृष्टता, नवाचार और उनकी समाज के प्रति जिम्मेदारियों को मनाने के लिए मनाया जाता है।
सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जीवन और योगदान
1860 में जन्मे सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने अपने करियर की शुरुआत महाराष्ट्र के पुणे में म्यूनिसिपल इंजीनियर के रूप में की थी। उनकी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें कई महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग परियोजनाओं का हिस्सा बनाया। सर विश्वेश्वरैया ने कई बांध, सिंचाई परियोजनाएं और जलविद्युत परियोजनाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो आज भी उनके महान योगदान का उदाहरण है। उनके प्रयासों का सबसे प्रमुख उदाहरण कृष्णराज सागर बांध है, जो अब तक कर्नाटक राज्य में कृषि और पेयजल के प्रमुख स्रोतों में से एक है।
इंजीनियरों का समाज में योगदान
इंजीनियरों का योगदान केवल तकनीकी नवाचार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने हमारे समाज, आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा में भी असीम वृद्धि की है। उनकी कुशलता और नवाचार की भावना ने समाज को नई दिशा दी है। आज के युग में जहां तकनीक और डिजिटल प्रगति सर्वोच्च है, इंजीनियर ही वे हैं जिन्होंने इसे संभव बनाया है। विशेषकर 'सतत विकास के लिए समाधान' थीम के साथ इस बार का इंजीनियर्स डे और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जिसमें पर्यावरण-संवेदनशील और नवाचारी तकनीकों के विकास पर जोर दिया गया है।
इंजीनियर्स डे 2024 की थीम
वर्ष 2024 के इंजीनियर्स डे की थीम 'सतत विकास के लिए समाधान' निर्धारित की गई है। इस थीम का उद्देश्य इंजीनियरों को पर्यावरण हितैषी और टिकाऊ तकनीकी समाधानों के विकास के लिए प्रोत्साहित करना है। हमारे देश में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संकट को देखते हुए यह जरूरी है कि इंजीनियर नवीनतम और पर्यावरण सम्मानजनक तकनीकों का विकास करें। इससे न केवल पर्यावरण का संरक्षण होगा बल्कि समाज की जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा।
इंजीनियर्स डे पर संदेश और शुभकामनाएं
इंजीनियर्स डे के अवसर पर, यहां कुछ प्रेरणादायक उद्धरण, संदेश और शुभकामनाएं दिए जा रहे हैं जिन्हें आप अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा कर सकते हैं:
- 'इंजीनियर्स की अद्वितीयता का उनका निर्माण ही प्रमाण है। इंजीनियर्स डे की हार्दिक शुभकामनाएं।'
- 'आपके बिना ये दुनिया अधूरी होती। इंजीनियर्स डे पर आपको नमन और हार्दिक शुभकामनाएं।'
- 'नए आविष्कारों की दिशा में आपका हर कदम प्रेरणा है। इंजीनियर्स डे मुबारक हो।'
प्रेरणादायक उद्धरण
यहां कुछ प्रेरणादायक उद्धरण दिए जा रहे हैं जिन्हें आप अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर साझा कर सकते हैं:
- 'इंजीनियरिंग एक कला है और इंजीनियर इसके कलाकार।' - एलोन मस्क
- 'इंजीनियर वही होते हैं जो समस्याओं को संभावनाओं में बदलते हैं।' - बिल गेट्स
- 'आपकी रचनात्मकता और निरंतरता से ही इस दुनिया का विकास संभव है।' - क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय
इंजीनियर्स डे 2024 भारत के सभी इंजीनियरों के साहस, समर्पण और विश्वेश्वरैया के आदर्शों के प्रति समर्पण का उत्सव है। इस विशेष दिन को न केवल खुशी और गर्व के साथ बल्कि नई चुनौतियों और नवाचार के प्रति निरंतर उत्साह के साथ मनाना चाहिए।
Prachi Doshi
सितंबर 16, 2024 AT 03:14बाकी 364 दिन तो वो खुद ही बिना किसी के ध्यान के काम करते रहते हैं।
Karan Kacha
सितंबर 17, 2024 AT 18:00उन्होंने तो भारत के आधारभूत ढांचे को ही नए आयाम दिए हैं!!!
कृष्णराज सागर बांध तो सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, ये तो एक जीवंत इतिहास है!!!
और आज के डिजिटल युग में जब हम एआई, रोबोटिक्स, और स्मार्ट सिटीज की बात कर रहे हैं, तो विश्वेश्वरैया जी की निरंतरता और दूरदर्शिता हमें याद दिलाती है कि इंजीनियरिंग का मूल उद्देश्य है-समाज की सेवा!!!
इंजीनियर्स डे पर ये थीम 'सतत विकास के लिए समाधान' तो बिल्कुल सही है!!!
हमें बस यही नहीं कहना चाहिए कि 'हम आपको याद कर रहे हैं'... बल्कि 'हम आपकी विरासत को जी रहे हैं'!!!
vishal singh
सितंबर 19, 2024 AT 12:52कोई असली इंजीनियर तो अपने दिन को ऑफलाइन बिताता है, न कि फेसबुक पर शुभकामनाएं भेजता।
mohit SINGH
सितंबर 20, 2024 AT 18:12कल तक जब एक इंजीनियर ने बांध बनाया, आज वही इंजीनियर अपनी बीमा की पॉलिसी के लिए 12 घंटे बैठा है!!!
ये देश इंजीनियर्स को नहीं, उनके नाम को मनाता है।
और एलोन मस्क का उद्धरण? अरे ये तो अमेरिका का शो बिजनेस है, हमारे इंजीनियर तो बिना पैसे के बांध बनाते हैं।
Preyash Pandya
सितंबर 21, 2024 AT 08:51मेरे बॉस ने आज सुबह बताया कि 'हमें इंजीनियरिंग की भावना से काम करना है'... फिर उसने मुझे 3 घंटे के लिए एक्सेल में डेटा एंट्री के लिए बुलाया 😭
पर फिर भी, इंजीनियर्स हमेशा जीते हैं... बस अपने खाते में नहीं, बल्कि अपने घर के बिजली बिल में 😉
Raghav Suri
सितंबर 23, 2024 AT 07:48उसके लिए इंजीनियरिंग कोई नौकरी नहीं, एक दायित्व है।
हम सब इंजीनियर्स को बस एक दिन के लिए याद करते हैं, लेकिन वो लोग तो हर दिन अपने गांव के बच्चों को पीने का साफ पानी देते हैं।
इंजीनियर्स डे का मतलब बस एक फोटो डालना नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक असली बदलाव लाना है।
अगर तुम्हारा घर बिजली से चलता है, तो एक इंजीनियर ने तुम्हारे लिए वो बिजली की लाइन बिछाई है।
अगर तुम्हारा फोन चलता है, तो एक इंजीनियर ने उसके चिप्स को डिजाइन किया है।
हम इंजीनियर्स को नहीं, हम उनके काम को देखना भूल जाते हैं।
आज एक बार अपने टेक्नीशियन को धन्यवाद दो, उसे एक चाय पीने को बुला लो।
इंजीनियरिंग का असली मायने तो यही है - बिना शोर के, बिना फेम के, बस बदलाव लाना।
Priyanka R
सितंबर 23, 2024 AT 11:55जानते हो क्या हो रहा है? विश्वेश्वरैया जी के नाम पर ये सब बातें करके सरकार लोगों को भूल जाने दे रही है कि इंजीनियर्स को तनख्वाह नहीं मिल रही!
और एलोन मस्क का उद्धरण? अरे वो तो ट्विटर के लिए अपना नाम बेच रहा है!
असली इंजीनियर तो बिना गूगल के बांध बनाते थे... आज तो कोई बिना ChatGPT के नहीं बना पाता! 😒
Rakesh Varpe
सितंबर 25, 2024 AT 08:14Girish Sarda
सितंबर 26, 2024 AT 02:26मैंने एक दोस्त को देखा जो एक बड़े कंपनी में इंजीनियर बना हुआ है लेकिन उसे ट्रांजिस्टर और कैपेसिटर के बीच अंतर नहीं पता।
क्या ये ही हमारी भविष्य की इंजीनियरिंग है?
Garv Saxena
सितंबर 27, 2024 AT 04:00ये तो एक ऐसा दर्शन है जो बिना ज्ञान के भी काम कर जाता है।
विश्वेश्वरैया ने बांध बनाए, लेकिन आज के इंजीनियर्स तो बिना बांध के भी बांध बना रहे हैं - डेटा के बांध, एआई के बांध, एल्गोरिदम के बांध।
लेकिन क्या ये बांध असली हैं?
क्या ये बांध पानी को रोकते हैं या सिर्फ धोखा देते हैं?
क्या हम नवाचार कर रहे हैं या सिर्फ दिखावा कर रहे हैं?
इंजीनियरिंग का मूल उद्देश्य था - समस्याओं को हल करना।
अब तो हम समस्याओं को बढ़ा रहे हैं और उन्हें नवाचार का नाम दे रहे हैं।
क्या हम विश्वेश्वरैया के आदर्शों को याद कर रहे हैं... या सिर्फ उनका नाम ले रहे हैं?
Rajesh Khanna
सितंबर 27, 2024 AT 18:20मैंने अपने भाई को देखा जो एक गांव में गंदे पानी की समस्या को हल करने के लिए एक छोटा सा फिल्टर बना रहा है - बिना किसी फंड के।
वो इंजीनियर है।
हम उसके बारे में बात करें।
Sinu Borah
सितंबर 28, 2024 AT 15:23क्या तुम्हारे बॉस ने आज तुम्हें बोनस दिया? नहीं? तो इंजीनियर्स डे का मतलब क्या है?
हमारी इंजीनियरिंग को तो बस एक फेसबुक पोस्ट के लिए बनाया गया है।
विश्वेश्वरैया को याद करने के बजाय, अपने दोस्त को एक चाय पीने को बुला लो।
Sujit Yadav
सितंबर 29, 2024 AT 00:21विश्वेश्वरैया ने जब बांध बनाया तो उसके पास लैपटॉप नहीं था, बस एक नोटबुक और एक दिमाग था।
आज के इंजीनियर्स तो गूगल और ChatGPT के बिना एक लाइन भी नहीं लिख पाते।
ये देश तो बस नामों को मनाता है, न कि काम को।
Aakash Parekh
सितंबर 30, 2024 AT 04:22Sagar Bhagwat
सितंबर 30, 2024 AT 20:43या फिर हम बस एक बार एक दिन के लिए उन्हें बधाई देते हैं और फिर उनके आइडिया को फाइल में डाल देते हैं?
Jitender Rautela
अक्तूबर 1, 2024 AT 10:37बाकी दिन तो इंजीनियर्स को बस ऑफिस में बैठे रहने के लिए बोला जाता है।
क्या यही हमारा सम्मान है?
abhishek sharma
अक्तूबर 2, 2024 AT 15:27वो लाखों लोगों के भविष्य को भी डिजाइन करता है।
हम उन्हें एक दिन के लिए याद करते हैं, लेकिन वो लोग तो हर दिन अपने दिमाग से हमारी जिंदगी को बदल रहे हैं।
अगर तुम्हारा फोन चलता है, तो एक इंजीनियर ने उसे बनाया।
अगर तुम्हारा घर बिजली से चलता है, तो एक इंजीनियर ने उस बिजली की लाइन बिछाई।
हम इंजीनियर्स को नहीं, हम उनके काम को देखना भूल जाते हैं।
इंजीनियर्स डे का मतलब बस एक फोटो डालना नहीं, बल्कि उनके काम को जीना है।
Surender Sharma
अक्तूबर 3, 2024 AT 21:53विश्वेश्वरैया का नाम लेकर फोटो डालो, फिर ऑफिस जाओ।
बाकी तो सब बस एक चैनल है।
Divya Tiwari
अक्तूबर 4, 2024 AT 16:47क्या हमारी संस्कृति इतनी कमजोर हो गई है कि हमें एक दिन के लिए अपने नायकों को याद करना पड़ता है?
हम तो अपने खुद के इंजीनियर्स को भी नहीं समझते।
shubham rai
अक्तूबर 4, 2024 AT 18:22