डिजिटल साक्षरता – हर भारतीय के लिए जरूरी कौशल

आजकल मोबाइल, इंटरनेट और ऐप्स हमारे रोज़मर्रा के कामों का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन तकनीक के साथ चलना तभी फायदेमंद होता है जब हमें उससे जुड़ी बुनियादी जानकारी हो। यही है डिजिटल साक्षरता – यानी डिजिटल उपकरणों को समझना, सुरक्षित रखना और सही उपयोग करना।

डिजिटल दुनिया में सुरक्षा कैसे बनी रहे?

जब आप ऑनलाइन बैंकिंग, ई‑शॉपिंग या सोशल मीडिया पर आते हैं, तो एक बार भी पासवर्ड साझा न करें। दो‑स्तरीय ऑथेंटिकेशन (2FA) लगाना सबसे आसान तरीका है हैकर्स से बचने का। यदि कोई अनजान लिंक या अटैचमेंट मिले, तो उसे खोलने से पहले दो बार सोचें – अक्सर वही फिशिंग का जाल होता है।

डिजिटल टूल्स का सही उपयोग: रोज़मर्रा के उदाहरण

सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन मिलना अब आम बात है। जन सेवा केंद्र जैसी साइट से आप देश‑भर की ताज़ा खबरें, नौकरी की जानकारी और सरकारी योजनाओं का विवरण आसानी से देख सकते हैं। इसी तरह HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का डिजिटल लेंडिंग प्लेटफ़ॉर्म आपको जल्दी लोन दिला सकता है, बस पहचान प्रमाण और बैंक फ़ॉर्म भरना होता है।

अगर आप छात्र हैं तो ई‑शिक्षा का फायदा उठाइए। ऑनलाइन क्लास, रेडियो मॉड्यूल या मोबाइल ऐप से आप कहीं से भी पढ़ सकते हैं। सिर्फ़ इंटरनेट तक पहुँच होना जरूरी है, बाकी सब सीखना आपका काम है।

विभिन्न डिजिटल उपकरणों को जोड़ना भी सरल है। स्मार्टफ़ोन को ब्लूटूथ या वाई‑फ़ाई से कनेक्ट करके आप फोटो शेयर कर सकते हैं, मोबाइल पेमेंट से बिल अदा कर सकते हैं, या कोई जरूरी फ़ाइल तुरंत दूसरों को भेज सकते हैं।

डिजिटल साक्षरता का एक बड़ा भाग है नई तकनीकों को समझना, जैसे AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)। एलन मस्क का Grok 3 जैसे चैटबॉट अब कई लोगों की मदद कर रहे हैं – सवाल पूछिए, जवाब मिलेगा। इसे प्रयोग में लाने से आप आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, बिना लंबी सर्च के.

अब बात करते हैं कि इसे कैसे सीखें। पहला कदम: अपने फ़ोन या कंप्यूटर पर बुनियादी सेटिंग्स को समझें – स्क्रीन की ब्राइटनेस, वॉल्यूम, नेटवर्क सेटिंग्स। दूसरा कदम: यूट्यूब या सरकारी ऐप्स पर उपलब्ध मुफ्त ट्यूटोरियल देखें। तीसरा, रोज़ थोड़ा‑थोड़ा अभ्यास करें, जैसे वॉट्सएप पर नई फ़ीचर सीखना या ई‑मेल भेजना।

यदि किसी चीज़ में दिक्कत आए तो मदद माँगें। कई शहरों में डिजिटल साक्षरता कार्यशालाएँ आयोजित होती हैं; आप अपने नजदीकी लाइब्रेरी या पब्लिक हॉल में जानकारी ले सकते हैं। ऑनलाइन फोरम या ट्यूटोरियल साइट पर भी सवाल पूछ सकते हैं।

डिजिटल साक्षरता सिर्फ़ तकनीक सीखने तक सीमित नहीं, यह आपको स्मार्ट, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाता है। जब आप इंटरनेट को सही तरीके से इस्तेमाल करेंगे, तो नौकरी, शिक्षा और रोज़मर्रा के कामों में भी आपका फायदा होगा। तो देर मत करो – आज ही एक छोटा कदम उठाएँ और डिजिटल दुनिया में अपना भरोसा बनाइए।

डिजिटल इंडिया: इलेक्ट्रॉनिक सरकारी सेवाओं और डिजिटल साक्षरता के लिए व्यापक पहल

डिजिटल इंडिया: इलेक्ट्रॉनिक सरकारी सेवाओं और डिजिटल साक्षरता के लिए व्यापक पहल

डिजिटल इंडिया एक महत्वपूर्ण पहल है जो भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई 2015 को लॉन्च की गई थी, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराना, ऑनलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करना और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को डिजिटल सेवाओं का लाभ पहुंचाना है।

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