आधार लिंकिंग का मतलब है आपका आधार नंबर (UID) को किसी दूसरे सर्विस से जोड़ना – जैसे मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट, पैन या रेशन कार्ड। जब सब जुड़ जाता है, तो पहचान की पुष्टि जल्दी और बिना झंझट के होती है। आप सोच रहे हैं, इसे क्यों करना चाहिए? चलिए, सरल शब्दों में बताते हैं।
1. आधार कॉपी तैयार रखें – ऑथेंटिक कॉपी, फ़ोटोकॉपी या डिजिटल PDF काम करेगा।
2. ऑनलाइन या ऑफलाइन विकल्प चुनें – बहुत सारी सेवाएं (बैंक, मोबाइल, यू‑पीन) अपनी वेबसाइट या ऐप में लिंकिंग का विकल्प देती हैं। अगर आपको इंटरनेट सही नहीं लग रहा, तो नजदीकी आधार केन्द्र या बैंक शाखा पे जा सकते हैं।
3. मोबाइल लिंकिंग के लिए, अपने मोबाइल में My Aadhaar या संबंधित बैंक/ऑपरेटर का ऐप खोलें, ‘Link Aadhaar’ या ‘Aadhaar Update’ विकल्प चुनें। फिर अपना 12 अंकों का आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालें, OTP आएगा तो उसे डालें। बस, आपका मोबाइल आधार से जुड़ गया।
4. बैंक लिंकिंग में अधिकांश बैंक का ‘Aadhaar Seva Kendra’ या ‘Aadhaar KYC’ फॉर्म भरते हैं। फॉर्म में आधार नंबर और आधार कॉपी स्कैन अपलोड कर देते हैं, फिर बैंक आपके डेटा को वैरिफ़ाई करता है। कुछ बैंक मोबाइल एप में QR कोड स्कैन कर भी लिंकिंग कराते हैं।
5. पैन, रेशन कार्ड, ट्यूलिक आदि के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाते हैं – संबंधित पोर्टल या एप में UID डालें, OTP या फोटोकॉपी अपलोड करें और कन्फर्म करें।
• सभी सेवा एक साथ – एक बार लिंक करने पर कई सरकारी योजना, सब्सिडी या बैंकिंग सुविधा बिना अतिरिक्त डॉक्यूमेंट्स के मिलती है।
• सुरक्षा बढ़ी – दो‑फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन (UID + मोबाइल OTP) से धोखाधड़ी कम होती है।
• समय की बचत – क्यू में खड़े रहने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन सब कुछ पूरा हो जाता है।
• क्लेम प्रोसेस तेज़ – अगर आप किसी योजना के लिए अप्लाई करते हैं, तो लिंक्ड डेटा से ऑथरिटी जल्दी वैरिफ़ाई कर लेती है।
• भुगतान और ट्रांसफर आसान – UPI में Aadhaar के आधार पर बैंक अकाउंट लिंकिंग से भुगतान बिना एंटी‑फ्रॉड के सुरक्षित हो जाता है।
1. आधर नंबर कभी भी अनजान व्यक्तियों को न बताएं। आधर को सिर्फ आधर-ग्राम या सरकारी पोर्टल पर ही डालें।
2. लिंकिंग के बाद, अपना मोबाइल या ई‑मेल में आया OTP तुरंत डालें, नहीं तो आपका डेटा अधूरा रह सकता है।
3. नियमित रूप से अपनी आधार एलीमेंट (नाम, पता, फोटो) चेक करें। अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत अपडेट करवाएं।
4. अगर आपको लिंकिंग के बाद कोई अनधिकृत लेनदेन दिखे, तो तुरंत अपने बैंक और UIDAI हेल्पलाइन (1947) को रिपोर्ट करें।
5. आधर लिंकिंग के बाद भी, अपने बैंक अकाउंट या मोबाइल का पासवर्ड मजबूत रखें और दो‑स्तरीय ऑथेंटिकेशन (2FA) एक्टिव रखें।
क्या एक ही आधार को कई बैंकों में लिंक कर सकते हैं? हाँ, आप एक ही UID को एक साथ कई बैंकों में लिंक कर सकते हैं।
अगर मोबाइल नंबर बदल जाए तो क्या करना होगा? नया नंबर आधर पोर्टल पर अपडेट करें, फिर उसी प्रक्रिया से फिर लिंक करें।
लिंकिंग में कोई फीस होती है? अधिकांश सरकारी सेवाओं में फ्री है, लेकिन कुछ निजी एप्लिकेशन में छोटा चार्ज ले सकते हैं।
आधार लिंकिंग अब आसान हो गई है, बस सही स्टेप फॉलो करें और भरोसेमंद पोर्टल या सहायता केंद्र से मदद लें। इस छोटे से कदम से आप कई लाभ पा सकते हैं और अपने डेटा को सुरक्षित रख सकते हैं।
सरकार ने राशन कार्ड ई-केवाईसी की आख़िरी तारीख 31 मार्च 2025 के बाद 3 माह की मोहलत दी है, साथ ही 22 जुलाई 2025 से हर 5 साल ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी। करीब 7.55 लाख लाभार्थी समय पर प्रक्रिया न करने के कारण जोखिम में थे। 18 साल से कम उम्र वालों को अलग कार्ड नहीं मिलेगा, 5 साल पूरे करने वाले बच्चों की केवाईसी एक साल में जरूरी। 6 महीने निष्क्रिय कार्ड अस्थायी रूप से बंद होंगे।