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शिक्षा में बदलाव तेज़ी से होते हैं, और अगर आप अपडेट नहीं रहनेगे तो मौकों से वंचित रह सकते हैं। इसलिए हम यहाँ सबसे ज़रूरी खबरें लाते हैं – चाहे वह सरकारी नीतियों की बात हो या प्रतियोगी परीक्षाओं के नियमों में बदलाव।
वाकई, CUET UG 2025 ने मेडिकल कॉलेजों में एंट्री के लिए एक नया तरीका पेश किया है। अब कुछ कॉलेजों में NEET स्कोर नहीं, बल्कि CUET UG स्कोर से एडमिशन मिल सकता है। यह बदलाव मुख्यतः Allied Health Sciences, जैसे कि ऑप्टोमेट्री, मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजी आदि के लिए है। MBBS और BDS के लिए अभी भी NEET अनिवार्य रहेगा, तो घबराओ मत, सिर्फ़ एक भाग में ही ये बदलाव है।
आपको सबसे पहले अपने इच्छित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या निष्पक्ष सूचना केंद्र से जांच करनी चाहिए कि वे CUET स्कोर को किस कोर्स में मानेंगे। फिर काउंसलिंग प्रक्रिया को समझें – कुछ कॉलेज पहले रैंक लिस्ट बनाते हैं, फिर छात्रों को चुनते हैं। अगर आप Allied Health में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो CUET की तैयारी को अपनी टॉप प्रायोरिटी बनाएं।
छात्रों के लिए एक आसान टिप: अपने CUET स्कोर को ऑनलाइन पोर्टल पर लगातार अपडेट रखें और काउंसलिंग की तारीख़ें नोट कर लें। अक्सर कॉलेज अलग‑अलग चरणों में काउंसलिंग चलाते हैं, इसलिए समय पर आवेदन करना फायदेमंद रहेगा।
अगर आप अभी भी NEET की तैयारी कर रहे हैं, तो उसे छोड़ने की जरूरत नहीं। MBBS और BDS के लिए NEET अभी भी एक अनिवार्य कदम है। दोनो परीक्षा एक साथ करने से आप अपने विकल्पों को बढ़ा सकते हैं।
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अब कुछ मेडिकल कॉलेजों में CUET UG 2025 के स्कोर से एडमिशन मिल सकता है। यह बदलाव मुख्य रूप से Allied Health Sciences जैसे कोर्स के लिए होगा, MBBS और BDS में NEET अभी भी जरूरी है। हर कॉलेज की एलिजिबिलिटी और काउंसलिंग प्रक्रिया अलग-अलग होगी।