क्या कभी ट्रेन लेट हुई, बुकिंग में गड़बड़ी रही या जानकारी चाहिए थी? डरिए मत, रेलवे हेल्पलाइन आपके लिए हमेशा खुली रहती है। यहाँ पर हम बतायेंगे कौन‑से नंबर डायल करें, कौन‑सी ऐप्स काम आती हैं और शिकायत कैसे दर्ज करें, ताकि आप बिना झंझट के समस्या सुलझा सकें।
सबसे पहले याद रखिए ये दो फ्री नंबर:
यदि आप किसी विशेष राज्य की समस्या (जैसे प्लेटफ़ॉर्म का क्राउन या एसी कंपार्टमेंट की खराबी) पर बात करना चाहते हैं, तो प्रत्येक ज़िला या बड़ी स्टेशन का अपना हेल्पलाइन नंबर होता है। आम तौर पर ये नंबर स्टेशन के एंट्रेंस बोर्ड या आधिकारिक वेबसाइट पर दिखते हैं।
अब मोबाइल से भी मदद लेना आसान हो गया है। दो सबसे पॉपुलर ऐप्स हैं:
वेबसाइट www.indianrail.gov.in पर भी आप ‘Contact Us’ टैब में सभी हेल्पलाइन नंबर, ई‑मेल और शिकायत फॉर्म पा सकते हैं। फॉर्म भरकर आप अपनी समस्या को लिखित रूप में दर्ज कर सकते हैं, और 48 घंटों के भीतर उत्तर मिल जाता है।
कॉल करने और ऐप का उपयोग करने के कुछ टिप्स:
ऐसे ही कई छोटे‑छोटे उपाय हैं जो आपकी समस्या को जल्दी हल कर देते हैं। याद रखिए, हेल्पलाइन सिर्फ कॉल नहीं, बल्कि ई‑मेल ([email protected]) और सोशल मीडिया (Twitter @RailMinIndia) पर भी उपलब्ध है।
अंत में, अगर आपका मुद्दा बहुत गंभीर है (जैसे दुर्घटना, सुरक्षा समस्या), तो तुरंत 100 या स्थानीय पुलिस को कॉल करें और फिर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें। इससे प्रक्रिया तेज़ होती है और आपका केस जल्द ही हल हो जाता है।
तो अगली बार जब ट्रेन में कोई दिक्कत आए, तो इन आसान कदमों को फॉलो करें और रेलवे हेल्पलाइन की मदद से बिना परेशानियों के सफर करें। आपका समय कीमती है, और हमारी कोशिश यही है कि आपकी यात्रा सुगम और आरामदायक रहे।
मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में 19 यात्री घायल हुए जब ट्रेन ने चेन्नई के पास कावरायपेट्टई में एक स्थिर मालगाड़ी से टक्कर मार दी। घटना के बाद 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। घायल यात्रियों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया और अधिकारियों ने सहायता के लिए हेल्पलाइनों की घोषणा की। बिना किसी हताहत के, यात्रियों को सुरक्षित रूप से बचाया गया।