आप अक्सर सुनते होंगे "केजरीवाल" शब्द को हर दिन की खबरों में। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका नाम क्यों इतना चर्चा में है? अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख आवाज़ बन चुके हैं। यहाँ हम उनके बारे में, उनके कामों के बारे में और अब तक की सबसे तेज़ खबरों के बारे में आसान भाषा में बात करेंगे।
केजरीवाल ने 2012 में पता नहीं, अंबेडकर मंदिर आंदोलन से राजनीति में कदम रखा। तब से उनका सफर कई मोड़ लेकर आया – एएनएम (आगामी राष्ट्रीय आंदोलन) के नेता से लेकर आज दिल्ली के मुख्यमंत्री तक। उनके प्रमुख एजेंडा में बिजली, पानी और शिक्षा पर ध्यान देना रहा है।
उदाहरण के तौर पर, जब दिल्ली में बिजली की बढ़ती दरें लोगों को परेशान कर रही थीं, तो उन्होंने पर्याप्त सब्सिडी और नई नीतियों के जरिए बिल कम करने की कोशिश की। इसी तरह, जल वितरण को सुधारने के लिए कई जल‑संरक्षण योजनाएं शुरू की गईं। इन सब चीज़ों को समझने के लिए आपको जटिल रिपोर्ट पढ़नी नहीं पड़ती—हम सिर्फ परिणाम बताते हैं, जैसे कि बिजली बिल में 20% तक की कमी या जल इकाइयों की नवीनीकरण दर।
अगर आप हमारे टैग पेज पर आएँगे तो तुरंत कई ताज़ा लेख मिलेंगे। जैसे कि "केजरीवाल की नई शिक्षा नीति" जिसमें उन्हों ने स्कूलों में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया है, या "केजरीवाल बनाम केंद्र सरकार" जहाँ दोनों पक्षों के बीच विभिन्न मुद्दों पर टकराव दिखाया गया है।
आजकल कुछ प्रमुख खबरें इस तरह हैं:
इन सब लेखों को पढ़कर आप सिर्फ समाचार नहीं, बल्कि इन मुद्दों की गहराई भी समझ पाएँगे। अगर आपका मन किसी विशेष घटना पर है, तो लेख के शीर्षक पर क्लिक करके पूरा विवरण देख सकते हैं।
हमारा लक्ष्य है कि आप केजरीवाल से जुड़ी हर बात को तेज़, साफ़ और समझदार तरीके से जानें। चाहे वह उनके सबसे हाल के बयान हों, नई नीतियों का असर हो या राष्ट्रीय राजनीति में उनका रोल, सब यहाँ मिलेगा एक ही जगह।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तिहाड़ जेल में अपनी निर्धारित डायट और दवाइयों को जानबूझकर न लेने का आरोप उपराज्यपाल कार्यालय ने लगाया है। तिहाड़ जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर, केजरीवाल का वजन 63.5 किलो से 61.5 किलो होने की बात कही गई है। आम आदमी पार्टी ने इस टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'अज्ञानी' बताया है।