ईद-अल-अधा 2025 – क्या है, कब है और कैसे मनाते हैं?

ईद‑अल‑अधा इस्लाम का दूसरा बड़ा त्यौहार है, जिसे कुर्बानी ईद भी कहते हैं। इस दिन मुसलमान अपना नायाब रब (ईश्वर) के साथ बंधन याद करते हैं और हज के दौरान हुई कहानी को दोहराते हैं। अगर आप इस त्यौहार को समझना चाहते हैं या सिर्फ़ जानना चाहते हैं कब छुट्टी है, तो यह लेख आपके लिए है।

ईद‑अल‑अधा कब पड़ती है?

ईद‑अल‑अधा इस्लामी कैलेंडर के धूल‑हिज (Dhu al‑Hijjah) महीने की दसवी तिथि को आती है। 2025 में यह 13 जून (रविवार) को पड़ेगी। चाँद देखकर तिथि तय होती है, इसलिए स्थानीय मस्जिदों या आधिकारिक कैलेंडर से दो‑तीन दिन पहले अंतिम पुष्टि कर लें। कई भारतीय राज्य अपने स्कूल‑कॉलज कैलेंडर में इस दिन को छुट्टी दे देते हैं, इसलिए आप पहले से योजना बना सकते हैं।

ईद के मुख्य रिवाज़ क्या हैं?

1. नूह और हज की तैयारी – दिन की शुरुआती प्रार्थना (फज़र) के बाद लोग नमाज़‑ए‑इज्रा (रतीब) पढ़ते हैं और यदि हज करने वाले हों तो उसके लिये तैयारी शुरू करते हैं। 2. कुर्बानी (भेड़/बकरी/भैंस) – अपने घर में या मंडली में जानवर की भेड़ या बकरी को जिव्ला (कतरना) किया जाता है। जानवर को दया और सम्मान से संभालते हुए हलाल तरीके से काटा जाता है। 3. मांस बाँटना – कुर्बानी का मांस तीन भाग में बांटा जाता है: एक हिस्सा खुद के लिये, दूसरा गरीब‑जनों के लिये, और तीसरा पड़ोसियों व रिश्तेदारों के लिये। यह सामाजिक एकता का बड़ा पहलू है। 4. ईद की नमाज़ – सुबह जल्दी बड़े खुल्ले मैदान या मस्जिद में ईद की नमाज़ पढ़ी जाती है। इस नमाज़ में दो रैक़आत की भागीदारी होती है और फिर ख़ुशी‑खुशी फतह (सम्बोधन) किया जाता है। 5. गहना और मुबारकबाद – बच्चों को नये कपड़े, मिठाइयाँ (सेवई, बर्फी) दी जाती हैं और सब एक‑दूसरे को "ईद मुबारक" कहते हैं।

इन रिवाज़ों में सबसे बड़ी बात यह है कि सब मिल‑जुलकर खुशियां बांटते हैं, चाहे वह मुसलमान हों या गैर‑मुसलमान।

अगर आप भारत में रहते हैं तो इस दिन बहुत सारे रेस्टोरेंट विशेष मेन्यू लाते हैं, जैसे कबाब‑प्लेट, बिरयानी और हलाल मिठाइयाँ। कई शहरों में इकट्ठा हो कर ईद के जश्न का कार्यक्रम भी होता है, जहाँ सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और खेल होते हैं।

ध्यान रखें: कुर्बानी के दौरान जानवर को तेज़ी से और दर्द‑रहित तरीकों से मारना चाहिए। अगर आप स्वयं नहीं कर सकते तो नजदीकी मुफ़्ति या इज्तिथि (संगठन) की सहायता ले सकते हैं।

ईद‑अल‑अधा केवल त्यौहार नहीं, बल्कि दया, समानता और इंसानियत की याद दिलाता है। इस साल के ईद को अपने परिवार और मित्रों के साथ मिलकर मनाएँ, ज़रूरतमंदों को मदद करें, और ख़ुशियों को दोगुना बढ़ाएँ।

हमें उम्मीद है कि इस गाइड से आपको ईद‑अल‑अधा की तिथि, रिवाज़ और तैयारियों की पूरी जानकारी मिल गई होगी। आप अपने आसपास के लोकल इवेंट्स की जाँच कर सकते हैं और अपने प्लान को आगे बढ़ा सकते हैं। ईद मुबारक!

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17 जून 2024 को ईद-अल-अधा के अवसर पर भारत के प्रमुख स्टॉक मार्केट, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) बंद रहेंगे। यह बंदी इक्विटी, डेरिवेटिव्स और एसएलबी सेगमेंट सहित सभी ट्रेडिंग खण्डों को प्रभावित करेगी। अगले दिन 18 जून से सामान्य ट्रेडिंग गतिविधियाँ फिर से शुरू हो जाएंगी।

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